सिंहस्थ 2028 की बैठक में पत्रकारों को बाहर जाने को कहा, ओंकारेश्वर में मीडिया की मौजूदगी पर उठा सवाल

ओंकारेश्वर में सिंहस्थ बैठक से पत्रकारों को बाहर किया, उठा सवाल
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले स्थित ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर हुई बैठक के दौरान पत्रकारों को लेकर विवाद सामने आया है। बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किए गए पत्रकारों को बाद में अंदर बैठने की अनुमति नहीं दी गई और बाहर जाने को कहा गया। यह बैठक कलेक्टर की मौजूदगी में नगर परिषद कार्यालय में आयोजित हुई थी। घटना के बाद स्थानीय पत्रकारों ने नाराजगी जताई और बैठक में मीडिया को बुलाने के उद्देश्य पर सवाल उठाए।
नगर परिषद में हुई थी अहम बैठक
सिंहस्थ 2028 के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों, नगर के विस्तारीकरण और स्थानीय नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। इसमें सांसद, विधायक, कलेक्टर, जनप्रतिनिधि, पार्षद, एल्डरमैन और 16 सदस्यीय समिति के सदस्य मौजूद थे।
पत्रकारों के अनुसार, उन्हें समिति की ओर से बैठक में आने के लिए आमंत्रित किया गया था। लेकिन बैठक शुरू होने के बाद उन्हें बाहर जाने के लिए कहा गया। इस घटनाक्रम के बाद पत्रकारों ने सवाल उठाया कि यदि बैठक में मीडिया को शामिल नहीं करना था, तो उन्हें पहले बुलाया क्यों गया?
स्थानीय लोगों की समस्याओं से जुड़े हैं विकास कार्य
ओंकारेश्वर और ममलेश्वर क्षेत्र में प्रस्तावित विकास एवं विस्तारीकरण योजनाओं को लेकर स्थानीय नागरिकों के बीच कई तरह की चिंताएं हैं। लोगों को आशंका है कि निर्माण कार्यों से कुछ परिवारों के मकान, दुकान और आजीविका प्रभावित हो सकते हैं। प्रभावित नागरिक मुआवजा और पुनर्वास के साथ रोजगार तथा वैकल्पिक व्यवस्थाओं की मांग भी उठा रहे हैं।
ऐसे में बैठक में इन मुद्दों पर क्या चर्चा हुई और प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिए गए, इसे लेकर स्थानीय लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है। पत्रकारों का कहना है कि जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की जानकारी आम लोगों तक पहुंचना जरूरी है।

पहले भी आंदोलन कर चुके हैं स्थानीय नागरिक
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर ओंकारेश्वर में पहले भी विरोध और मांगें सामने आ चुकी हैं। अक्टूबर में स्थानीय नागरिकों ने 19 सूत्रीय मांगों को लेकर बाजार बंद रखा था। इसके बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ बातचीत हुई। इस दौरान प्रभावित संपत्तियों का सर्वे कराने और पुनर्वास के मुद्दों पर आगे निर्णय लेने की बात सामने आई थी।
मीडिया की भागीदारी और पारदर्शिता पर सवाल
पत्रकारों ने बैठक से बाहर किए जाने की घटना को अपने सम्मान और जनहित से जुड़ी जानकारी तक पहुंच के मुद्दे से जोड़कर देखा है। उनका कहना है कि मीडिया प्रशासन और जनता के बीच सूचना का माध्यम है। खासकर सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन की तैयारियों में लिए जाने वाले फैसलों की जानकारी सार्वजनिक होना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल बैठक से पत्रकारों को बाहर करने के कारणों पर प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब इस मामले में प्रशासन के स्पष्टीकरण और आगामी बैठकों में मीडिया की भागीदारी को लेकर उठने वाले कदमों पर नजर रहेगी।




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