Jio Platforms IPO Listing: ₹1,359 पर शेयर की शुरुआत
जियो प्लेटफॉर्म्स ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की। कंपनी के शेयर BSE पर ₹1,359 के भाव पर सूचीबद्ध हुए, जबकि IPO का इश्यू प्राइस ₹1,119 था। इस तरह शेयर ने इश्यू प्राइस से करीब 21.36 प्रतिशत प्रीमियम के साथ बाजार में कदम रखा।
इस लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग ₹12.5 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इसके साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स बाजार पूंजीकरण के आधार पर भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई, जबकि पहले स्थान पर इसकी पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज रही।
₹10.3 लाख करोड़ के मूल्यांकन पर आया था IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का मूल्यांकन करीब ₹10.3 लाख करोड़ था। कंपनी ने 27 करोड़ नए शेयर ₹1,119 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए थे। लिस्टिंग से पहले बाजार में प्रीमियम पर शुरुआत की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन वास्तविक कीमत का पता शेयरों की लिस्टिंग के बाद ही चला।
Jio Platforms IPO को भारतीय पूंजी बाजार के बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल किया गया। कंपनी की लिस्टिंग से निवेशकों को उसके टेलीकॉम और डिजिटल कारोबार का अलग बाजार मूल्य देखने का अवसर मिला है।
रिलायंस समूह के लिए क्यों अहम है यह लिस्टिंग?
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाओं और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में फैला है। कंपनी की अलग लिस्टिंग से निवेशकों को उसके कारोबार और भविष्य की संभावनाओं का स्वतंत्र मूल्यांकन करने का अवसर मिलता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि जियो प्लेटफॉर्म्स उसके डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार का प्रमुख हिस्सा है। हालांकि, दोनों कंपनियों के बाजार पूंजीकरण और शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

IPO की रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
IPO से मिली राशि के एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने या उसका पूर्व भुगतान करने की योजना में रखा गया था। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों और निर्गम से जुड़े खर्चों के लिए किया जाना था।
निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
शानदार लिस्टिंग के बावजूद निवेशकों को कंपनी की दीर्घकालिक संभावनाओं का मूल्यांकन सावधानी से करना चाहिए। आय और मुनाफे की वृद्धि, कर्ज, प्रतिस्पर्धा, भविष्य के निवेश और शेयर के मौजूदा मूल्यांकन जैसे कारक अहम होंगे। केवल लिस्टिंग प्रीमियम के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है।