चक्रवात अर्नब का असर: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बाढ़ से बिगड़े हालात, प्रियंका गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मांगा सहयोग

चक्रवात अर्नब से आंध्र-ओडिशा में तबाही, प्रियंका गांधी की मदद की अपील
चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश और जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई इलाकों में बाढ़ का पानी गांवों और खेतों तक पहुंच गया है। इससे लोगों के घरों और किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। हालात को देखते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रभावित परिवारों की मदद करने और राहत-बचाव अभियान में सहयोग देने की अपील की है।
प्रियंका गांधी ने राहत कार्यों में सहयोग का किया आग्रह
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चक्रवात और भारी बारिश से प्रभावित लोगों के प्रति चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के लोग चक्रवात से हुई तबाही का सामना कर रहे हैं, जबकि ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने और राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करने का आग्रह किया।
राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों के लिए मांगी राहत
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी आपदा से हुए नुकसान पर दुख जताया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकारों से जल्द राहत और पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि जिन लोगों के घर और आजीविका प्रभावित हुई है, उनकी सुरक्षा और जरूरतों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
अमित शाह ने चार राज्यों को दिया सहायता का भरोसा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। गृह मंत्रालय के अनुसार, NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीमों को भेजने की भी तैयारी है।
ओडिशा के गजपति जिले में गांवों तक पहुंचा पानी
ओडिशा के गजपति जिले में लगातार बारिश के चलते महेंद्रतनया नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए। गोशानी ब्लॉक के बाघासाला, भिननाला और बापूजी पेन्थ सहित कई इलाकों में पानी घुसने की जानकारी सामने आई है। जलस्तर बढ़ने से खेतों में भी पानी भर गया और ग्रामीणों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुईं।

छत्तीसगढ़ में किसानों की बढ़ी चिंता
चक्रवात के प्रभाव से हुई बारिश ने छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी नुकसान पहुंचाया है। यहां धान की खड़ी फसल प्रभावित होने की खबर है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया और एहतियात के तौर पर स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित की।
रेल यातायात पर भी पड़ा असर
लगातार बारिश और रेलवे पुल के नीचे पानी भरने की स्थिति को देखते हुए विशाखापत्तनम-भुवनेश्वर मुख्य रेलमार्ग पर ट्रेन परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इसके चलते करीब नौ ट्रेनें रद्द हुईं और लगभग 16 ट्रेनों के मार्ग बदले गए। यात्रियों को भी इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
चक्रवात के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य और नुकसान का आकलन जारी है। प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने, यातायात व्यवस्था बहाल करने और किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने की चुनौती बनी हुई है।




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