उज्जैन में ₹22.34 करोड़ के काम, बड़नगर में बनेगा फूड पार्क
मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में कृषि, शिक्षा, धार्मिक पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी कई विकास योजनाओं की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने गजनीखेड़ी स्थित मां चामुंडा धाम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़नगर में फूड प्रोसेसिंग पार्क विकसित करने सहित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में ₹22.34 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया गया।
बड़नगर में फूड प्रोसेसिंग पार्क की योजना
बड़नगर में प्रस्तावित फूड प्रोसेसिंग पार्क से कृषि उपज के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने की उम्मीद है। इससे किसानों को अपनी उपज के विपणन और प्रसंस्करण से जुड़े नए विकल्प मिल सकते हैं। उज्जैन और आगर में आलू प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने की योजना का भी उल्लेख किया गया।
मोरों के संरक्षण पर जोर
कार्यक्रम में राष्ट्रीय पक्षी मोर के संरक्षण और पुनर्वास से संबंधित पहल की जानकारी दी गई। इस योजना का उद्देश्य मोरों के संरक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाना और उनके अनुकूल वातावरण विकसित करने पर ध्यान देना है।
दो स्थानों पर खुलेंगे सांदीपनि विद्यालय
शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के लिए भाटपचलाना और इंगोरिया में सांदीपनि विद्यालय खोलने की घोषणा की गई। इसके अलावा बड़नगर में गीता भवन के निर्माण और कवि प्रदीप सम्मान समारोह आयोजित करने की योजना की जानकारी भी सामने आई।
मां चामुंडा धाम में विकास कार्य
गजनीखेड़ी स्थित मां चामुंडा धाम में धर्मशाला, शौचालय, पेयजल, सामुदायिक सुविधाओं और सड़कों से जुड़े विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय लोगों के साथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर ध्यान

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए आधारभूत सुविधाओं के विकास पर काम किया जा रहा है। परिवहन, सड़क, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजनाएं इस तैयारी का हिस्सा हैं।
कृषि प्रसंस्करण, शिक्षा, धार्मिक स्थलों के विकास और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी इन पहलों का वास्तविक प्रभाव इनके क्रियान्वयन और समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगा।