अनाहत सिंह पहली बार PSA गोल्ड सेमीफाइनल में पहुंचीं, सलमा हानी को हराया
रेडवुड सिटी। भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने अमेरिका में खेले जा रहे सिलिकॉन वैली ओपन 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 18 वर्षीय अनाहत ने क्वार्टर फाइनल में मिस्र की खिलाड़ी सलमा हानी को हराकर पहली बार PSA गोल्ड स्तर के टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
विश्व रैंकिंग में 15वें स्थान पर मौजूद अनाहत ने मुकाबले में पिछड़ने के बावजूद दमदार वापसी की। पांच गेम तक चले इस मैच में उन्होंने हानी को 4-11, 11-8, 4-11, 11-2 और 11-5 से हराया। यह मुकाबला 42 मिनट तक चला।
पहले पिछड़ीं, फिर लगातार दो गेम जीतकर मुकाबला किया अपने नाम
क्वार्टर फाइनल में अनाहत के सामने मिस्र की छठी वरीयता प्राप्त और विश्व रैंकिंग में 14वें स्थान पर मौजूद सलमा हानी थीं। मुकाबले की शुरुआत भारतीय खिलाड़ी के लिए आसान नहीं रही। अनाहत पहला गेम 4-11 से हार गईं, लेकिन दूसरे गेम में 11-8 से जीत दर्ज कर उन्होंने वापसी की।
तीसरे गेम में हानी ने फिर 11-4 से जीत हासिल की और मुकाबले में 2-1 की बढ़त बना ली। इसके बाद अनाहत ने अपना खेल बदला और चौथे गेम में 11-2 से शानदार जीत हासिल की।
निर्णायक पांचवें गेम में भी भारतीय खिलाड़ी ने दबाव में संयम बनाए रखा और 11-5 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने टूर्नामेंट के अंतिम चार में जगह बना ली।
एक दिन पहले आठ बार की विश्व चैंपियन को हराया था
अनाहत की यह जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि इससे एक दिन पहले उन्होंने मिस्र की दिग्गज खिलाड़ी नूर एलशेरबिनी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। एलशेरबिनी आठ बार की विश्व चैंपियन और विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर रह चुकी हैं।
अनाहत ने उनके खिलाफ सीधे तीन गेम में 11-8, 11-8 और 11-7 से जीत दर्ज की थी। लगातार दो मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराने के बाद भारतीय खिलाड़ी ने अपनी अंतरराष्ट्रीय क्षमता का प्रदर्शन किया है।
जीत के बाद बोलीं अनाहत—लय बनाए रखना चाहती थी
सलमा हानी के खिलाफ जीत के बाद अनाहत ने बताया कि उन्होंने पहले कभी अपनी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मुकाबला नहीं खेला था। हालांकि, वह हानी के खेल से परिचित थीं और जानती थीं कि उनके पास PSA टूर का काफी अनुभव है।
अनाहत के मुताबिक, नूर एलशेरबिनी के खिलाफ जीत के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा था। पिछले मुकाबले के भावनात्मक अनुभव के कारण वह थोड़ी थकी हुई भी थीं, लेकिन वह अपनी लय खोना नहीं चाहती थीं। इसी सोच के साथ उन्होंने कोर्ट पर उतरकर अपना पूरा दम लगाया।
सेमीफाइनल में मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम से मुकाबला
सेमीफाइनल में अनाहत सिंह का सामना मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम से होगा, जो विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर हैं और एशियाई खेलों की मौजूदा चैंपियन हैं।
दोनों खिलाड़ियों के बीच यह मुकाबला खास होगा, क्योंकि हाल ही में हुए एशियाई खेलों के महिला एकल फाइनल में शिवसंगरी ने अनाहत को हराया था। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी के पास अब उस हार से उबरते हुए एक और बड़ी जीत हासिल करने का अवसर होगा।

जूनियर विश्व चैंपियन भी हैं अनाहत
अनाहत सिंह पहले ही भारतीय स्क्वैश में अपनी पहचान बना चुकी हैं। वर्ष 2026 की विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में उन्होंने लड़कियों का एकल खिताब जीतकर यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव पाया था।
2026 के एशियाई खेलों में भी उन्होंने महिला एकल का रजत पदक जीता। इससे पहले 2023 के एशियाई खेलों में वह महिला टीम और मिश्रित युगल स्पर्धाओं में दो कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
अब सिलिकॉन वैली ओपन में उनकी नजरें पहली बार PSA गोल्ड स्तर के टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने पर होंगी। लगातार दो कठिन मुकाबलों में जीत ने अनाहत के अभियान को नई ऊंचाई दी है।