मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच घोषित दो सप्ताह के युद्धविराम (Ceasefire) के कुछ ही घंटों के भीतर, ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लावन द्वीप (Lavan Island) पर स्थित एक बड़ी तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ है।

​ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, बुधवार सुबह इस रिफाइनरी में जोरदार धमाके हुए, जिसके बाद भीषण आग लग गई। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इस हमले ने वैश्विक तेल बाजारों और शांति प्रयासों पर सवालिया निशान लगा दिया है।

सीजफायर के ठीक बाद हमला

​हाल ही में पाकिस्तान और अन्य देशों की मध्यस्थता के बाद ट्रंप प्रशासन और ईरान के बीच 14 दिनों के युद्धविराम पर सहमति बनी थी। इस समझौते के तहत ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को व्यापार के लिए खोलने पर भी चर्चा हुई थी। हालांकि, रिफाइनरी पर हुए इस हमले ने समझौते को खतरे में डाल दिया है।

ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की खबरें

​मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लावन द्वीप पर हमले के जवाब में खाड़ी क्षेत्र के अन्य हिस्सों से भी तनाव की खबरें आ रही हैं।

  • कुवैत और यूएई: रिपोर्टों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत ने भी अपने हवाई क्षेत्र में संदिग्ध मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है।
  • रिफाइनरी की स्थिति: ईरानी अधिकारियों का कहना है कि दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। इस हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

भारत पर क्या होगा असर?

​मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है। अगर यह संघर्ष और बढ़ता है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है। भारतीय दूतावास ने पहले ही क्षेत्र में मौजूद नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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