दुनिया भर में गहराते युद्ध के बादलों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने सीधे शब्दों में कहा है कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) के भंडार की सुरक्षा अमेरिका के लिए प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी इन ठिकानों के करीब जाने या परमाणु सामग्री से छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा, तो अमेरिकी सेना उसे “उड़ा देगी”।

“स्पेस फोर्स की है पैनी नजर”

​एक हालिया इंटरव्यू (Full Measure) में ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में जिस ‘स्पेस फोर्स’ (Space Force) का गठन किया था, वह अब पूरी तरह से सक्रिय है। ट्रंप के अनुसार, स्पेस फोर्स के उन्नत सैटेलाइट्स ईरान के परमाणु ठिकानों की चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमें पता है कि वहां कौन अंदर जा रहा है, उसका नाम क्या है और उसका पता क्या है। अगर कोई भी उस जगह के करीब पहुंचा, तो हमें तुरंत पता चल जाएगा और हम उसे खत्म कर देंगे।”

ईरान के शांति प्रस्ताव को बताया ‘अस्वीकार्य’

​यह बयान तब आया है जब ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को युद्धविराम (Ceasefire) का प्रस्ताव भेजा था। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस प्रस्ताव को “पूरी तरह से अस्वीकार्य” (Totally Unacceptable) बताते हुए खारिज कर दिया है। ट्रंप का मानना है कि जब तक ईरान का यूरेनियम भंडार पूरी तरह से वहां से हटा नहीं दिया जाता, तब तक युद्ध खत्म नहीं माना जा सकता।

इज़राइल का भी मिला साथ

​इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ट्रंप के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि ईरान के पास मौजूद 60% तक संवर्धित यूरेनियम (करीब 440 किलोग्राम) दुनिया के लिए बड़ा खतरा है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि जब तक इस परमाणु सामग्री को ईरान से बाहर नहीं निकाला जाता, तब तक सैन्य अभियान जारी रह सकता है।

पृष्ठभूमि: 2026 का ईरान-अमेरिका संघर्ष

​बता दें कि फरवरी 2026 से ही अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के बाद से ईरान के कई परमाणु और सैन्य ठिकाने तबाह हो चुके हैं, लेकिन हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी नाकेबंदी ने वैश्विक तेल संकट पैदा कर दिया है। ट्रंप के इस नए बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मचा दी है।

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