Jio Platforms IPO: निवेशकों में जबरदस्त उत्साह, रिकॉर्ड इश्यू
नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को पहले ही दिन निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। 21 अक्टूबर 2026 को खुली इस सार्वजनिक पेशकश में योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की श्रेणी में शुरुआत से ही मजबूत मांग देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के दौरान यह हिस्सा उपलब्ध शेयरों के मुकाबले दो गुना से अधिक सब्सक्राइब हो गया।
करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य वाला यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बनने की ओर बढ़ रहा है। नवीनतम शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, 21 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे तक पूरा इश्यू भी पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था।
खुलते ही संस्थागत निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में योग्य संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में सबसे तेज मांग दर्ज की गई। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 10 बजे तक इस श्रेणी का सब्सक्रिप्शन 2.86 गुना तक पहुंच गया था। बोली शुरू होने के लगभग 10 मिनट के भीतर ही इस श्रेणी में उपलब्ध शेयरों के बराबर मांग आ गई थी।
इसके बाद निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ी। शुरुआती घंटों में खुदरा निवेशकों और गैर-संस्थागत निवेशकों की भागीदारी संस्थागत श्रेणी की तुलना में धीमी रही। हालांकि, सब्सक्रिप्शन के आंकड़े दिन के दौरान बदल सकते हैं।
कितने रुपये का है जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ?
जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस आईपीओ के जरिए लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया है।
इस पेशकश में करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं है। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये बैठता है।
इस आकार के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ अक्टूबर 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के करीब 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़ सकता है।
एंकर निवेशकों से पहले ही जुटाए 8,109 करोड़ रुपये

सार्वजनिक निर्गम खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से लगभग 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस प्रक्रिया में 212 संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया। एंकर निवेशकों को शेयर 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से आवंटित किए गए।
एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी को इस बड़े आईपीओ की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, संस्थागत निवेशकों की मांग से किसी शेयर के भविष्य के प्रदर्शन या लिस्टिंग पर लाभ की गारंटी नहीं मिलती।
टेलीकॉम से आगे AI और क्लाउड सेवाओं पर कंपनी का फोकस
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार मोबाइल कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग, एंटरप्राइज तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक पहुंच चुका है।
कंपनी की रणनीति अपने बड़े ग्राहक आधार का इस्तेमाल करते हुए डिजिटल सेवाओं और तकनीकी उत्पादों का विस्तार करने पर केंद्रित है। आने वाले समय में AI और क्लाउड आधारित सेवाएं कंपनी के कारोबार की वृद्धि में कितनी भूमिका निभाती हैं, इस पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
निवेशकों के लिए क्या हैं महत्वपूर्ण बातें?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेश पर विचार करने वाले लोगों के लिए शेयर का मूल्यांकन, कंपनी की वित्तीय स्थिति, भविष्य की विकास योजनाएं और बाजार में जोखिम जैसे पहलुओं को समझना जरूरी है।
आईपीओ में मजबूत सब्सक्रिप्शन अपने आप में लिस्टिंग के दिन मुनाफे की गारंटी नहीं होता। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश से पहले आधिकारिक आईपीओ दस्तावेजों और संबंधित वित्तीय जानकारियों का अध्ययन करना चाहिए।
फिलहाल, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर घरेलू शेयर बाजार के साथ-साथ संस्थागत निवेशकों की नजर बनी हुई है। 23 अक्टूबर 2026 तक खुली रहने वाली इस पेशकश के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़े और आगे की प्रक्रिया निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।