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शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना लागू- 322 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति

· January 14, 2026 · 4 मिनट पढ़ें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित मंत्रि-परिषद के सदस्य बैठक में टैबलेट के साथ शामिल हुए। मंत्रि-परिषद द्वारा शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर, चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना प्रभावशील किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।

द्वितीय चरण में सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा द्वितीय चरण के लिए 200 सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय की स्थापना के लिए अनुमानित व्यय 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। द्वितीय चरण के प्रस्तावित विद्यालयों की क्षमता एक हजार से अधिक होगी।

उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना लागत 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

सहायक उप निरीक्षक स्व. गौतम के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि स्वीकृत

मंत्रि-परिषद द्वारा जिला मऊगंज में हुई घटना में दिवंगत स्व. रामचरण गौतम, सहायक उप निरीक्षक के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि दिये जाने की स्वीकृति दी गयी। उल्लेखनीय है कि दिवंगत स्व. गौतम के परिवार को 10 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह राशि पूर्व में 1 अप्रैल 2025 को प्रदान की जा चुकी है। जिला मऊगंज थाना शाहपुर अंतर्गत ग्राम गडरा में एक परिवार के लोगों को समुदाय के लोगों द्वारा बंधक बना लिया गया था। घर के अंदर एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद शव को अभिरक्षा में लेने के दौरान समुदाय द्वारा पुलिस अमले पर हमला कर दिया था। हमले में श्री गौतम ने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए कर्तव्य का पालन किया और वीर गति को प्राप्त हुए।

ग्वालियर व्यापार एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट दिये जाने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला-2026 एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजना की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तीन सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही परियोजना के अंतर्गत सोलर-सह चार घंटे 300 मेगावाट, सोलर सह छह घंटे 300 मेगावाट एवं सोलर-सह 24 घंटे 200 मेगावाट विद्युत प्रदाय की सिंगल साइकिल चार्जिंग आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस परियोजना से राज्य में पीक डिमांड के समय भी सस्ती, स्वच्छ एवं भरोसेमंद विद्युत उपलब्ध हो सकेगी।

सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उपलब्ध विद्युत केवल दिन के समय उपलब्ध रहती है और इसकी उपलब्धता मौसम पर निर्भर करती है। इसी प्रकार पवन ऊर्जा परियोजनाओं से ऊर्जा की उपलब्धता भी अनिश्चित रहती है, क्योंकि यह पवन की उपलब्धता एवं गति पर निर्भर करती है। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी, ग्रिड स्थिरता की आवश्यकता, पीक-डिमांड प्रबंधन तथा विद्युत की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकरण (सारंगपुर) सिंचाई परियोजना लागत 396 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे सारंगपुर तहसील के 26 ग्रामों की 11,040 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, जिसमें 10 हजार 400 कृषक परिवार लाभांवित होंगे।

मंत्रि-परिषद द्वारा रायसेन जिले की सुल्तानपुरा उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 115 करोड़ 99 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे सुल्तानपुर तहसील के 20 ग्रामों की 5,700 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, इसमें 3,100 कृषक परिवारों को लाभ होगा।

रायसेन जिले की बरेली तहसील की बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 386 करोड़ 22 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे बरेली तहसील के 36 ग्रामों की 15 हजार हैक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसमें 6,800 कृषक परिवार लाभांवित होंगे।

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