पाकिस्तान में आयोजित अमेरिका–ईरान शांति वार्ता अचानक असफल हो गई। सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच लगभग 80 प्रतिशत समझौता तैयार हो चुका था, लेकिन अंतिम चरण में गंभीर मतभेद सामने आए।
ईरान के वरिष्ठ राजनयिक अब्बास अराघची ने इस असफलता पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि अमेरिका ने वार्ता को जानबूझकर जटिल बनाया। उनका आरोप है कि अमेरिका ने पहले ही कई बार शर्तें बदलकर ईरान को असहज स्थिति में डाल दिया।
🔑 प्रमुख बिंदु
- 80% तक समझौता तैयार था, लेकिन अंतिम चरण में मतभेद।
- ईरानी प्रतिनिधि अराघची ने अमेरिका पर रणनीतिक धोखे का आरोप लगाया।
- पाकिस्तान की मध्यस्थता के बावजूद वार्ता टूट गई।
- अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर हॉर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर पड़ सकता है।
- अमेरिकी नेतृत्व (डोनाल्ड ट्रंप और जे.डी. वेंस) पर ईरान ने विश्वास की कमी जताई।