शाजापुर हत्याकांड का फैसला: DNA जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य बने अहम आधार
शाजापुर, मध्य प्रदेश। शाजापुर जिले के एक हत्या मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मुकदमे में DNA जांच और घटनास्थल से बरामद भौतिक साक्ष्य महत्वपूर्ण रहे। दोषियों में मृतक की पत्नी ममता मालवीय, राहुल मालवीय और सुनील शामिल हैं।
जांच में सामने आई साजिश की कड़ियां
मामले की पृष्ठभूमि में मुकेश मालवीय की हत्या है, जो 12 फरवरी 2025 की रात हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मुकेश अपनी पत्नी ममता और राहुल के संबंधों का विरोध करता था। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि इसी विवाद के चलते हत्या की योजना बनाई गई और इसमें राहुल के दोस्त सुनील को भी शामिल किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बीच हुई फोन बातचीत से संबंधित कॉल डिटेल तथा अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की। इन तथ्यों को मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
DNA परीक्षण ने आरोपी की पहचान में मदद की
इस मामले में जांच का महत्वपूर्ण पहलू घटनास्थल पर मिला कटा हुआ अंगूठा रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश पर हमले के दौरान संघर्ष में राहुल का अंगूठा कटकर वहीं गिर गया था। पुलिस ने इसे सुरक्षित कर फॉरेंसिक जांच कराई।
DNA परीक्षण में बरामद अंगूठे का नमूना राहुल से मेल खाने की बात सामने आई। इस वैज्ञानिक साक्ष्य ने घटनास्थल पर आरोपी की मौजूदगी और घटना से उसके संबंध की जांच में अहम भूमिका निभाई।
प्रधान सत्र न्यायालय का फैसला
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद प्रधान सत्र न्यायाधीश की अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला आपराधिक मामलों में फॉरेंसिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल और घटनास्थल से प्राप्त सामग्री के महत्व को रेखांकित करता है।
शाजापुर के इस मामले में DNA जांच की मदद से एक महत्वपूर्ण साक्ष्य की पहचान संभव हुई। अदालत के फैसले के साथ मामले की सुनवाई का यह चरण पूरा हुआ है।