Karwa Chauth 2026: व्रत में दवाएं लेने को लेकर डॉक्टर की सलाह
करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। इस दौरान कई महिलाएं सूर्योदय से चंद्रमा के दर्शन तक भोजन और पानी का सेवन नहीं करतीं। ऐसे में नियमित दवाएं लेने वाली महिलाओं के सामने सवाल उठता है कि क्या व्रत के दौरान दवा ली जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका निर्णय दवा के प्रकार, बीमारी और व्यक्ति की सेहत को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
दवा छोड़ना या समय बदलना पड़ सकता है भारी
नियमित दवाएं लेने वाले लोगों को केवल धार्मिक व्रत के कारण अपनी दवा बंद नहीं करनी चाहिए। कुछ दवाएं भोजन के साथ ली जाती हैं, जबकि कुछ को निश्चित समय पर लेना आवश्यक होता है। बिना सलाह दवा छोड़ने या खुराक बदलने से बीमारी नियंत्रित रखने में परेशानी हो सकती है।
व्रत से पहले डॉक्टर से यह पूछना जरूरी है कि दवा कब लेनी चाहिए और क्या उसे भोजन या पानी के साथ लेना आवश्यक है। यदि दवा की समय-सारणी व्रत के नियमों से मेल नहीं खाती, तो चिकित्सक सुरक्षित विकल्पों पर सलाह दे सकते हैं।
डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों को सावधानी
डायबिटीज के मरीज लंबे समय तक बिना भोजन के रहने पर ब्लड शुगर कम होने या उसमें अचानक उतार-चढ़ाव के जोखिम का सामना कर सकते हैं। इंसुलिन और कुछ अन्य दवाओं के साथ व्रत रखने के लिए विशेष योजना की जरूरत हो सकती है।
इसी तरह ब्लड प्रेशर और हृदय रोग के मरीजों के लिए पानी न पीना डिहाइड्रेशन और रक्तचाप में बदलाव का कारण बन सकता है। किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों और ऐसी दवाएं लेने वालों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, जो शरीर में पानी या इलेक्ट्रोलाइट के संतुलन को प्रभावित करती हैं।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी लंबे समय तक भोजन-पानी से दूर रहने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

व्रत के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
व्रत रखने से पहले अपनी दवाओं की सूची और उनके निर्धारित समय की समीक्षा डॉक्टर के साथ करें। दवा की खुराक अपने मन से कम-ज्यादा न करें और यह न मानें कि सभी दवाएं खाली पेट सुरक्षित होती हैं।
यदि व्रत के दौरान चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज न करें। गंभीर लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें। स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार व्रत में बदलाव करना भी एक विकल्प हो सकता है।
आस्था के साथ स्वास्थ्य को भी दें प्राथमिकता
करवा चौथ का पर्व धार्मिक आस्था और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा है, लेकिन हर व्यक्ति की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें अलग होती हैं। नियमित दवा लेने वालों के लिए व्रत का तरीका तय करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है।
रोजाना की दवाएं केवल डॉक्टर के निर्देश के अनुसार ही लें। किसी भी दवा को रोकने, खुराक बदलने या समय में बदलाव करने का फैसला अपने मन से न करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह डॉक्टर की व्यक्तिगत सलाह का विकल्प नहीं है।