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जन विश्वास विधेयक 2026 राज्यसभा से पास: अब छोटी गलतियों पर नहीं होगी जेल, व्यापार करना होगा आसान!

· April 3, 2026 · 2 मिनट पढ़ें

नई दिल्ली (3 अप्रैल 2026): केंद्र सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित कर दिया गया है। इससे पहले यह बिल 1 अप्रैल को लोकसभा में पास हो चुका था।

​वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सदन में बताया कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य नागरिकों और व्यापारियों के मन से ‘कानून का डर’ निकालना है। अब छोटी-मोटी तकनीकी या प्रक्रियात्मक गलतियों के लिए जेल जाने की नौबत नहीं आएगी, बल्कि उन पर जुर्माना या चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा।

​इस नए बिल की 5 बड़ी बातें:

  1. ​784 प्रावधानों में बदलाव: इस विधेयक के जरिए 23 मंत्रालयों के अंतर्गत आने वाले लगभग 80 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया है।
  2. ​अपराध की श्रेणी से बाहर: कुल 717 प्रावधानों को ‘डिक्रिमिनलाइज’ (अपराध मुक्त) कर दिया गया है। यानी अब इन गलतियों पर आपराधिक मुकदमा नहीं चलेगा।
  3. ​प्रमुख कानूनों पर असर: RBI अधिनियम (1934), खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (2006) और मोटर वाहन अधिनियम (1988) जैसे बड़े कानूनों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
  4. ​चेतावनी का सिद्धांत: पहली बार गलती होने पर सीधे दंड देने के बजाय ‘चेतावनी’ देने का प्रावधान जोड़ा गया है।
  5. ​अदालतों पर घटेगा बोझ: छोटे नागरिक उल्लंघनों के लिए अब न्यायनिर्णयन अधिकारियों (Adjudicating Officers) की नियुक्ति होगी, जिससे कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

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