एशियन पैरा गेम्स 2026: शीतल देवी का विश्व रिकॉर्ड, भारत को 11 पदक

नागोया। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता के पहले दिन ही अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इन खेलों में भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने निशानेबाजी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स और जूडो सहित विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

शीतल देवी ने तीरंदाजी में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, जबकि निशानेबाज मोना अग्रवाल ने स्वर्ण और अवनी लेखरा ने रजत पदक अपने नाम किया। एथलीट निषाद कुमार ने भी लंबी कूद में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की उपलब्धियों में इजाफा किया। उपलब्ध परिणामों के अनुसार, भारत ने पहले दिन कुल 11 पदक जीते, जिनमें 4 स्वर्ण, 5 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल रहे।

शीतल देवी ने 704 अंक हासिल कर की विश्व रिकॉर्ड की बराबरी

भारत की पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने महिला कंपाउंड तीरंदाजी के क्वालिफिकेशन राउंड में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 720 में से 704 अंक हासिल किए और इस प्रदर्शन के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।

शीतल ने अपने पिछले एशियाई रिकॉर्ड को भी बेहतर किया। उनकी इस उपलब्धि ने प्रतियोगिता की शुरुआत में ही भारतीय दल का मनोबल बढ़ाया। दोनों हाथों के बिना तीरंदाजी करने वाली शीतल अपने पैरों और शरीर की तकनीक का इस्तेमाल करके निशाना साधती हैं।

मोना अग्रवाल ने जीता स्वर्ण, अवनी लेखरा को रजत

निशानेबाजी में भारत को बड़ी सफलता मिली। महिला 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में मोना अग्रवाल ने 250.0 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि अवनी लेखरा ने 249.6 अंक हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया।

दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा। अंतिम शॉट से पहले भी दोनों के बीच अंकों का अंतर बहुत कम था। मोना ने अंत में बढ़त बनाए रखकर शीर्ष स्थान हासिल किया।

अवनी लेखरा की इस उपलब्धि ने भी भारत की पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया। दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और निरंतरता का प्रदर्शन किया।

निषाद कुमार ने लंबी कूद में जीता स्वर्ण

भारतीय एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की टी47 लंबी कूद स्पर्धा में 7.11 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। यह उनके लिए खास उपलब्धि रही, क्योंकि वह मुख्य रूप से ऊंची कूद के खिलाड़ी हैं।

निषाद ने प्रतियोगिता के दौरान लगातार बेहतर प्रदर्शन किया और 7.11 मीटर की छलांग के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव ने 6.99 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक, जबकि श्रीलंका के मोहम्मदू सफरान ने 6.55 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता।

निषाद की इस सफलता से भारतीय एथलेटिक्स दल को महत्वपूर्ण बढ़त मिली।

जूडो में कोकिला ने जीता रजत पदक

भारत की जूडो खिलाड़ी कोकिला ने महिलाओं के जे2-52 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया। फाइनल मुकाबले में उन्हें किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक क्यजी से हार का सामना करना पड़ा।

हालांकि कोकिला स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं, लेकिन रजत पदक के साथ उन्होंने प्रतियोगिता में भारत की उपलब्धियों को आगे बढ़ाया। सेमीफाइनल में जीत दर्ज करके उन्होंने पहले ही कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लिया था।

पुरुषों के जे1-70 किलोग्राम वर्ग में कपिल परमार ने कांस्य पदक जीतकर भारत के खाते में एक और पदक जोड़ा।

पहले दिन भारत के खाते में 11 पदक

एशियन पैरा गेम्स 2026 के पहले दिन भारत ने अलग-अलग खेलों में पदक जीतकर मजबूत शुरुआत की। उपलब्ध पदक परिणामों के अनुसार, भारत ने कुल 4 स्वर्ण, 5 रजत और 2 कांस्य सहित 11 पदक हासिल किए।

भारत के लिए निशानेबाजी और एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहे। वहीं, तीरंदाजी में शीतल देवी के रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले प्रदर्शन ने भी ध्यान खींचा।

भारतीय दल का लक्ष्य पिछले संस्करण में हासिल किए गए 111 पदकों के प्रदर्शन को बेहतर करना है। प्रतियोगिता के आगे बढ़ने के साथ भारतीय खिलाड़ियों के पास अन्य स्पर्धाओं में भी पदक जीतने के अवसर रहेंगे।

आगे भी भारतीय खिलाड़ियों से उम्मीदें

पहले दिन की उपलब्धियों ने भारतीय पैरा खिलाड़ियों की तैयारी और क्षमता को सामने रखा है। निशानेबाजी में मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा, तीरंदाजी में शीतल देवी तथा एथलेटिक्स में निषाद कुमार के प्रदर्शन ने भारत की पदक उम्मीदों को मजबूती दी है।

अब प्रतियोगिता के आगामी मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों की नजरें नए पदक जीतने और देश की पदक तालिका को और बेहतर बनाने पर रहेंगी।

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