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जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

· April 18, 2026 · 5 मिनट पढ़ें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय से प्रदेश में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान, पूर्ण हो चुके संकल्प से समाधान अभियान और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर समुचित दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर्स से कहा कि प्रदेश और समाज की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा विभिन्न अभियानों के माध्यम से महती प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार के इन सभी प्रयासों एवं अभियानों में जन जुड़ाव एवं सहभागिता बेहद जरूरी है। इन सभी अभियानों की सार्थकता और सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब इनमें अधिकाधिक जनसहयोग एवं जन भागीदारी भी हो। इसके लिए सभी समर्पित और फोकस्ड होकर प्रयास करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे जनता के कल्याण के कामों को तेजी से पूर्ण करायें। सरकार की योजनाओं का फील्ड में पूर्णतया क्षमता और दक्षता के साथ व्यापक स्तर पर सुचारु एवं बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर, उनकी जरुरतों और सुझावों पर अमल करते हुए जनोन्मुखी प्रशासन से खुद की और सरकार की साख बढ़ायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स लगातार जिले में भ्रमण करें, लोगों से चर्चा करें, उनकी समस्या सुनकर समाधान करें और गांवों में रात्रि विश्राम करें, इससे सरकारी योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च तक 2026 तक “संकल्प से समाधान अभियान” चलाया गया। इस अभियान से सरकार की 106 प्रकार की योजनाओं का सीधा लाभ जनता और जरुरतमंदों तक पहुंचाया गया। सभी कलेक्टर्स इस अभियान के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हमेशा क्रियाशील रहें और जनता को अधिकतम लाभ दिलायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ हुआ है। यह 30 जून 2026 तक चलेगा। विगत 2 सालों में अभियान के अंतर्गत हुए जल संचयन के कार्यों से यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। अब आवश्यकता है कि इस साल भी जल संरक्षण और सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के भरसक प्रयास किये जायें।

गेहूं उपार्जन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाये। उन्हें समय पर भुगतान भी करायें। सभी कलेक्टर्स गेहूं उपार्जन केन्द्रों का सघन निरीक्षण करें और यह देखें कि खरीदी केंद्र पर समुचित छाया-पानी, बारदाना, तेज गर्मी के चलते ओआरएस घोल, पावडर आदि सभी जरूरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। किसानों को किसी भी तरह की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत परेशानी नही हो। अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया निर्बाध रूप में से जारी है।अब तक 1 लाख 13 हज़ार से अधिक किसानों से 4 लाख 96 हज़ार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। इन किसानों को करीब 355 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ऐसा पहली बार हुआ है कि पहले दिन तुलाई वाले किसानों को दूसरे दिन ही भुगतान भी कर दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास एवं प्रशासन विभाग से कहा कि वे अपने विभागीय स्वच्छता अभियान को जल गंगा संवर्धन अभियान से जोड़ लें। जनसहयोग से जगह-जगह पर प्याऊ लगवायें। इनकी साफ़-सफाई पर भी विशेष ध्यान दें।तकनीक से जुड़कर नवाचार भी करें।

सांदीपनि विद्यालयों में करें रैन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के कारण बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में आये उल्लेखनीय परिणामों को राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आई गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों को लेकर अभिभावकों की धारणा इस कदर परिवर्तित हुई है कि वे अपने बच्चों के दाखिले निजी विद्यालयों से निकालकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में भर्ती करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवायें। जून में जब स्कूल पुनः खुलेंगे, तब अधिकाधिक लोगों को सांदीपनि विद्यालयों का अवलोकन करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बड़ी उपलब्धि है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कारण हमारा स्कूल ड्रॉप आउट रेशियो जीरो हो चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर कम से कम 50 बेडेड हास्पिटल होने चाहिए। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में बर्न यूनिट्स स्थापित की जाये। ग्रीष्मकालीन स्थायी निर्देशों (मेडिकल प्रोटोकॉल्स) का कढ़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। सभी कलेक्टर्स एवं नगरीय निकाय स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी पूरी कर लें।

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