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National

उमंग और सामाजिक स्नेह का जीवंत महोत्सव है भगोरिया पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

· February 28, 2026 · 2 मिनट पढ़ें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि फाल्गुन मास के रंगों, मांदल की थाप और जीवन-प्रेम की उमंग से सराबोर भगोरिया पर्व जनजातीय संस्कृति, सामाजिक स्नेह और परंपरागत जीवन मूल्यों का जीवंत उत्सव है। इसको प्रत्यक्ष रूप से भगोरिया पर्व में शामिल होकर जिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अलीराजपुर के उदयगढ़ भगोरिया पर्व स्थल पर पारंपरिक लोकधुनों, नृत्य और उल्लासपूर्ण वातावरण ने सम्पूर्ण क्षेत्र को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगोरिया पर्व जनजातीय संस्कृति, प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। विरासत को विकास की राह पर ले जाने के संकल्प के साथ इस उल्लासमय पर्व को गरिमा और भव्यता के साथ मनाया गया। यह आयोजन जनजातीय संस्कृति की सशक्त पहचान और राज्य सरकार की संवेदनशील सोच को प्रतिबिंबित करता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनजातीय समाज एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री जनजातीय संस्कृति के प्रतीक तीर कमान भेंट किया। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया गया। मंत्री श्री द्वारा मंच से सभी को राष्ट्रीय पर्व भगोरिया की शुभकामनाएं दी। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह ने कहा कि आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में आयोजित स्थानीय भगोरिया पर्व में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता से उत्सव का उल्लास और अधिक बढ़ गया।

भगोरिया उत्सव में जनजातीय युवक-युवतियां रंग-बिरंगी पारंपरिक वेषभूषा में सजे-धजे दिखाई दिए। पुरुष वर्ग पारंपरिक धोती, अंगोछा एवं साफा धारण किए हुए थे, जबकि महिलाएं कांचली, घाघरा, ओढ़नी तथा पारंपरिक कढ़ाईयुक्त परिधानों में सुसज्जित रहीं। चांदी के हार, हांसली, कड़े, पायल, बिछिया एवं अन्य पारंपरिक आभूषणों की झंकार ने पर्व को भव्यता प्रदान की। मांदल, ढोल एवं अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर कुर्ता कुर्राटियों के साथ लोकनृत्य करते जनजातीय समाज, सामूहिक उल्लास और आपसी मेल-जोल ने भगोरिया के माहौल को जीवंत एवं स्मरणीय बना दिया।

इस अवसर पर पूर्व सांसद गुमानसिंह डामोर,  पूर्व विधायक श्री माधोसिंह डावर, विशाल रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, संभागायुक्त इंदौर डॉ सुदाम खाड़े, कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक, प्रशासनिक अधिकारीगण, स्थानीय नागरिक तथा बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग उपस्थित रहे। सम्पूर्ण क्षेत्र में उत्सव, उल्लास और सांस्कृतिक चेतना का वातावरण व्याप्त रहा।

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