वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम–2026 के दूसरे दिन, 20 जनवरी को दावोस में मध्यप्रदेश ने वैश्विक निवेश और प्रौद्योगिकी मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। राज्य प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा परिवर्तन, डिजिटल नवाचार, अधोसंरचना विकास और निवेश सहयोग के क्षेत्रों में विश्व की अग्रणी कंपनियों के साथ उच्चस्तरीय संवाद किए। इन बैठकों के माध्यम से मध्यप्रदेश ने सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी-आधारित आर्थिक वृद्धि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
- वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम के दूसरे दिन मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक प्रौद्योगिकी एवं निवेश कंपनियों के साथ रणनीतिक संवाद और सहयोगात्मक बैठकें कीं।
- ग्लोबल साउथ के लिए तैयार द मेरिडियन कलेक्टिव (TMC) प्लेटफ़ॉर्म का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य उप-राष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा परिवर्तन और औद्योगिक डिकार्बोनाइज़ेशन को गति देना है।
- TMC के माध्यम से निजी पूंजी, तकनीकी विशेषज्ञता और वैश्विक नेटवर्क को राज्यों से जोड़ा जाएगा।
- इससे मध्य प्रदेश को 2030 तक 40–50% नवकरणीय ऊर्जा और 2050 से पहले नेट ज़ीरो लक्ष्य प्राप्त करने में सहयोग मिलेगा।
निवेश, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सहयोग पर महत्वपूर्ण बैठकें
- श्री कृष्णन एन. बालेंद्र (चेयरपर्सन, जॉन कील्स होल्डिंग्स लिमिटेड) के साथ फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण, धार्मिक पर्यटन और नर्मदा बेसिन में कृषि-प्रसंस्करण पर निवेश संभावनाओं पर चर्चा हुई।
- क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के डिप्टी सीईओ श्री तुषार सिंघवी से स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स और अधोसंरचना क्षेत्र में दीर्घकालिक एवं स्केलेबल निवेश अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।
- गूगल के वाइस प्रेसिडेंट (एशिया पैसिफिक) श्री संजय गुप्ता के साथ AI मिशन, क्लाउड डेटा सेंटर, AI इन्फ्रास्ट्रक्चर और कार्बन-फ्री डिजिटल इकोसिस्टम पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
- ट्री एनर्जी सॉल्यूशंस (TES) के सीईओ श्री मार्को अल्वेरा के साथ ग्रीन हाइड्रोजन और e-NG आधारित स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं पर संवाद हुआ, जो राज्य की भविष्य-उन्मुख ऊर्जा नीति के अनुरूप है।