ट्रंप की मांग: न्यू मैक्सिको का नाम बदलकर ‘न्यू अमेरिका’ करने की बात
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अमेरिका के राज्य न्यू मैक्सिको का नाम बदलकर ‘न्यू अमेरिका’ करने की मांग की है। 19 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि राज्य का नाम तुरंत बदला जाना चाहिए। उनका तर्क है कि नया नाम राज्य की प्रतिष्ठा बढ़ाएगा। हालांकि, इस बयान के बाद भी न्यू मैक्सिको का आधिकारिक नाम वही है और इसे बदलने की कोई औपचारिक प्रक्रिया घोषित नहीं की गई है।
ट्रंप का यह प्रस्ताव अमेरिका में भौगोलिक स्थानों के नाम बदलने को लेकर उनकी पहले की पहल के बाद आया है। इससे पहले उन्होंने मैक्सिको की खाड़ी का नाम ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ और ओंटारियो झील का नाम ‘लेक अमेरिका’ करने के लिए कदम उठाए थे।
ट्रंप ने क्यों उठाया न्यू मैक्सिको का नाम बदलने का मुद्दा?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका, मैक्सिको नहीं है और राज्य का नाम ‘न्यू अमेरिका’ होना चाहिए। उनके मुताबिक, नए नाम से राज्य की प्रतिष्ठा और पहचान को बढ़ावा मिल सकता है।
न्यू मैक्सिको अमेरिका के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित है और इसकी सीमा मैक्सिको से लगती है। राज्य का नाम लंबे ऐतिहासिक संदर्भों से जुड़ा है। यह नाम अमेरिकी संघ के गठन से भी पहले इस्तेमाल किया जाता रहा है।
ट्रंप इससे पहले भी ऐसे भौगोलिक नामों को बदलने की पहल कर चुके हैं, जिनमें दूसरे देशों का उल्लेख है। हालांकि, किसी स्थान का नाम बदलने के लिए लागू कानूनी प्रक्रिया और संबंधित प्राधिकरणों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
क्या राष्ट्रपति अकेले बदल सकते हैं किसी राज्य का नाम?

न्यू मैक्सिको का नाम बदलने के प्रस्ताव में सबसे महत्वपूर्ण सवाल इसकी कानूनी प्रक्रिया का है। अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यकारी अधिकारों के तहत संघीय सरकार द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ भौगोलिक नामों में बदलाव करा सकते हैं, लेकिन वह किसी अमेरिकी राज्य का नाम अकेले नहीं बदल सकते।
न्यू मैक्सिको के राज्य संविधान में उसका नाम स्पष्ट रूप से दर्ज है। इसे बदलने के लिए राज्य स्तर पर संवैधानिक और विधायी प्रक्रिया के साथ संघीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाने होंगे।
इसलिए ट्रंप के बयान को फिलहाल नाम बदलने की मांग के रूप में ही देखा जाना चाहिए। जब तक संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती, राज्य का आधिकारिक नाम न्यू मैक्सिको ही रहेगा।
पहले भी बदल चुके हैं कई भौगोलिक नाम
ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका के कुछ भौगोलिक नामों को लेकर पहले भी फैसले किए गए हैं।
जनवरी 2025 में ट्रंप ने मैक्सिको की खाड़ी का नाम संघीय सरकारी इस्तेमाल के लिए ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ करने का आदेश दिया था। इसके बाद अगस्त 2026 में ओंटारियो झील को ‘लेक अमेरिका’ नाम से संबोधित करने के लिए भी कार्यकारी आदेश जारी किया गया।
इन बदलावों का दायरा संघीय सरकार के आधिकारिक इस्तेमाल से जुड़ा है। दूसरे देश या अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं किसी भौगोलिक स्थान के लिए अलग नाम का इस्तेमाल जारी रख सकती हैं।
न्यू मैक्सिको का मामला इन बदलावों से अलग है, क्योंकि यह किसी जल क्षेत्र या भौगोलिक विशेषता के बजाय एक अमेरिकी राज्य के नाम से संबंधित है।
न्यू मैक्सिको के नेताओं ने क्या कहा?
न्यू मैक्सिको की गवर्नर मिशेल लुहान ग्रिशम ने पहले इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि राज्य का नाम चर्चा के लिए खुला मुद्दा नहीं है और यह नाम अमेरिका के अस्तित्व में आने से पहले से चला आ रहा है।
राज्य के कुछ नेताओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी नाम बदलने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। इससे स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक सहमति नहीं है।
फिलहाल ट्रंप की ताजा मांग के बाद राज्य का नाम बदलने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आगे इस मामले में कोई बदलाव होता है या नहीं, यह संबंधित संवैधानिक और विधायी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।