Skip to content
Thursday, 29 October 2026 Nayi Soch, Nayi Khabar
ताज़ा खबर
Google Genie 4: AI से तैयार होंगी इंटरैक्टिव 3D दुनिया, रियल टाइम में बदल सकेंगे मौसम और कैमरा एंगलIND vs NZ: चौथे टी20 से पहले ईडन पार्क हाउसफुल, 40 हजार दर्शकों की मौजूदगी से बनेगा रिकॉर्डKarwa Chauth 2026: करवे के अंदर क्या-क्या रखें? जानें पूजा सामग्री का महत्व और पूरी लिस्टCyclone Arnab Update: आंध्र प्रदेश-यानम तट पर लैंडफॉल, ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनीUS Midterm Elections 2026: ट्रंप की नीतियों और कांग्रेस के भविष्य का फैसला करेंगे अमेरिकी मतदाताAir Pollution: प्रदूषण के दौर में सेहत का रखें ख्याल, डाइट में शामिल करें ये 6 पौष्टिक चीजेंGoogle Genie 4: AI से तैयार होंगी इंटरैक्टिव 3D दुनिया, रियल टाइम में बदल सकेंगे मौसम और कैमरा एंगलIND vs NZ: चौथे टी20 से पहले ईडन पार्क हाउसफुल, 40 हजार दर्शकों की मौजूदगी से बनेगा रिकॉर्डKarwa Chauth 2026: करवे के अंदर क्या-क्या रखें? जानें पूजा सामग्री का महत्व और पूरी लिस्टCyclone Arnab Update: आंध्र प्रदेश-यानम तट पर लैंडफॉल, ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनीUS Midterm Elections 2026: ट्रंप की नीतियों और कांग्रेस के भविष्य का फैसला करेंगे अमेरिकी मतदाताAir Pollution: प्रदूषण के दौर में सेहत का रखें ख्याल, डाइट में शामिल करें ये 6 पौष्टिक चीजें
National

धार में राज्य सरकार बनायेगी भव्य सरस्वती लोक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

· May 26, 2026 · 6 मिनट पढ़ें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार स्थित भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य सरस्वती लोक बनायेगी, यहॉ राजा भोज संस्थान की स्थापना भी की जायेगी। ऐतिहासिक भोजशाला पर माननीय उच्च न्यायालय ने जो निर्णय दिया है, राज्य सरकार इस न्यायिक आदेश का अक्षरश: पालन कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोजपाल द्वारा स्थापित यह भोजशाला सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रहा है। यह हमारी प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा का अटूट प्रतीक है। यहाँ दूर-दूर से छात्र और विद्वान ज्ञान अर्जित करने और शास्त्रों पर विमर्श करने आते थे। राज्य सरकार भोजशाला के उसी गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए सभी जरूरी प्रयास करेगी। राजा भोज की इस पुण्य धरा (धार) में अब चहुंमुखी विकास की नई धारा बहेगी। धार के आसपास पुरात्व विभाग से समन्वय कर सभी प्रकार के विकास कार्य किए जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोज जल संरक्षण के अग्रदूत थे। उनके द्वारा निर्मित विशाल जलाशय, तालाब और जल प्रबंधन की व्यवस्थाएं आज भी उनकी अद्भुत दूरदर्शिता एवं जल नियोजन का प्रमाण हैं। धार को किसी समय तालाबों की नगरी कहा जाता था। राजा भोज ने इस शहर में जलापूर्ति के लिए यहां साढ़े बारह तालाबों का निर्माण कराया गया था और इन्हें आपस में इस तरह से जोड़ा गया था कि एक तालाब भरने पर उसका अतिरिक्त पानी दूसरे तालाब में स्वत: चला जाता था। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान से प्रदेश में जल संवर्धन की नई क्रांति आएगी। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में खण्डवा, बड़वानी, अशोकनगर, राजगढ़ और डिंडौरी के बाद धार जिला छठवें स्थान पर है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में जल संरक्षण के 5 हजार से अधिक काम पूर्ण किये गये है, इसी तरह धार नगरपालिका क्षेत्र में 64 प्राचीन बावड़ियों एवं तालाबों का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को धार में जल गंगा संवर्धन अभियान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गंगा दशहरा पर सोमवार को प्रदेशव्यापी जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मां वाग्देवी के सम्मान में धार में भव्य सरस्वती लोक बनायें जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राजा भोज की कर्मस्थली है, इसीलिए धार में राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना की जायेगी। भोपाल में भी राजा भोज का संग्रहालय बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, नगरीय विकास व आवास एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा धार जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, धार की विधायिका श्रीमती नीनाविक्रम वर्मा, विधायक श्री कालू सिंह ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 88.04 करोड़ रुपये की लागत वाले 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन कर जिलेवासियों को सौगात दी। इसमें 27.21 करोड़ रुपये की लागत से चंबल नदी पर लेबड़-घाटाविल्लौद मार्ग पर फोरलेन उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजशाला के लिए हुए आंदोलन में शहादत देने वाले तीन शहीदों स्व. श्री बनसिंह, स्व. श्री अंतरसिंह एवं स्व. श्री लक्म्ंण सिंह के निकटतम परिजन को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान तीनों शहीदों के सम्मान में मौन रखकर इन्हें श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को मंच से हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजशाला में मां वाग्देवी के दर्शन कर विधि विधान से पूजन-अर्चन किया और वाग्देवी से प्रदेश की सुख-समृद्धि और नागरिकों की खुशहाली की कामना की।

धार में बनेगा भव्य सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय से 750 वर्ष का संषर्घ सफल हुआ है। धार में नए युग की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए। प्रदेश की जनता को बधाई दी। धार अब प्रदेश में औद्योगिक श्रेणी में सबसे अग्रणी जिला बनकर उभरा है। राज्य सरकार मां वाग्देवी के आशीर्वाद से विकास के क्रम में आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। यहां भव्य माता सरस्वती लोक का निर्माण किया जाएगा। धार में राजा भोज शोध संस्थान भी बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा भोज ने जल संरक्षण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए। गंगा दशमी पर्व राजा भोज की धरती पर मनाना हम सभी के लिए गौरवशाली क्षण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में जल संरक्षण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश इस मामले में देश में प्रथम स्थान पर है, यह प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात है। प्रदेश के नागरिकों की सहभागिता से जल संरक्षण के लिए 2 लाख 42 हजार 188 कार्य करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत प्रदेशभर में 2500 करोड़ रुपए लागत के कार्य प्रगति पर हैं। प्रदेश में 89 हजार 772 कुओं को रिचार्ज किया गया है, 55 हजार से अधिक खेत तालाब बनाए गए और अब तक 105 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया है। अब तक लाखों जलदूत बनाए गए हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों ने 2 हजार 224 कार्य करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक 9 हजार 630 काम पूरे कर लिए गये है, जो निकायों के लक्ष्य का 433 गुना अधिक है। मध्यप्रदेश जल संरक्षण गतिविधियों में नंबर वन है। प्रदेश में खंडवा, बड़वानी, अशोकनगर, राजगढ़, डिंडोरी और धार में बेहतर काम हुए हैं। जल संरक्षण की दिशा में वाटरशेड, डगवेल रीचार्ज, सिंचाई संरचना आदि काम किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राजा भोज के द्वारा संरक्षित पुरातत्व के महत्व के अनेक स्थान और भोजपत्र हमारी धरोहर हैं। उन्होंने भोपाल के पास भोजपुर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग का निर्माण कराया। भोपाल के बड़े तालाब की निर्माण तकनीक देखकर दुनिया के बड़े-बड़े विद्वान अचंभित रह जाते हैं। राजा भोज ने 45 फीट लंबे लौह स्तंभ का भी निर्माण कराया, जिसके संदर्भ में अरब के इतिहासकार अलबलूनी ने कहा कि विश्व में ऐसा स्तंभ नहीं देखा, जिस लौह स्तंभ पर कभी जंग नहीं लगी। यह मालवा की धरोहर है। राजा भोज ने कवियों का सम्मेलन कराया और उनकी एक-एक रचना के लिए सोने की ईंट देकर पुरस्कृत किया। आज भी राजा भोज के अतीत की घटनाएं हम सभी को गौरवान्वित करती हैं। उन्होंने वीरता, धीरता, पराक्रमशीलता और गंभीरता के पैमाने पर उनका समवर्ती कोई राजा आसपास नजर नहीं आता है। दक्षिण में तमिलनाडु के पास भी एक भोज मंदिर देखने को मिलता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के एक प्रचलित मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की दिशा में राज्य सरकार ने त्वरित निर्णय लिया। आज सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के इस निर्णय की सराहना की है। न्यायालय निर्णय करता है और राज्य सरकार इसे अक्षरश: लागू कराती है। विकास के मामले में मध्यप्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कार्यक्रम को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी संबोधित किया।

ये भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *