कनेक्टेड कारों में साइबर खतरा: आपकी लोकेशन और निजी डेटा हो सकता है लीक
ऑटो डेस्क। आधुनिक कारों में इंटरनेट, मोबाइल ऐप और ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा ड्राइविंग को आसान बनाती है, लेकिन इनके साथ निजी जानकारी की सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी बढ़ रहे हैं। एक नए शोध के मुताबिक, कारों से जुड़ी बाहरी डिजिटल सेवाओं—जैसे मोबाइल ऐप, वेबसाइट और क्लाउड सिस्टम—में मौजूद सुरक्षा खामियां वाहन मालिकों की लोकेशन और दूसरी संवेदनशील जानकारी उजागर कर सकती हैं।
स्वीडन के गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय और चाल्मर्स यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से जुड़े शोधकर्ताओं ने 2022 से सितंबर 2024 के बीच दर्ज 413 ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर सुरक्षा खामियों का विश्लेषण किया। अध्ययन Software Quality Journal में प्रकाशित हुआ है।
कार के बाहर मौजूद डिजिटल सेवाएं भी बन सकती हैं खतरा
शोध में सामने आया कि पहले की तुलना में अब कारों से जुड़ी बाहरी डिजिटल सेवाओं में सुरक्षा खामियों का अनुपात काफी बढ़ा है। वर्ष 2010 से 2019 के अध्ययन में ऐसी खामियां कुल मामलों का लगभग सातवां हिस्सा थीं, जबकि नए विश्लेषण में इनकी हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत तक पहुंच गई।
इसका मतलब है कि साइबर सुरक्षा केवल कार के अंदर लगे कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक सीमित नहीं रही। कार निर्माता की मोबाइल ऐप, ऑनलाइन अकाउंट और क्लाउड सेवाओं की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।
घर का पता और यात्रा की जानकारी हो सकती है उजागर
कनेक्टेड कारों से जुड़े डिजिटल सिस्टम में वाहन मालिक की लोकेशन, संपर्क विवरण और यात्रा से संबंधित जानकारी मौजूद हो सकती है। यदि इन सेवाओं में सुरक्षा की कमी हो, तो अनधिकृत व्यक्ति इस डेटा तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं।
रिपोर्ट में वर्ष 2024 में सामने आए फॉक्सवैगन से जुड़े डेटा लीक का भी उल्लेख है। इस घटना में करीब आठ लाख ग्राहकों की लोकेशन और संपर्क संबंधी जानकारी उजागर होने की बात सामने आई थी। यह मामला बताता है कि कार निर्माता के साथ काम करने वाले किसी बाहरी सेवा प्रदाता की सुरक्षा में चूक भी ग्राहकों की निजता को प्रभावित कर सकती है।

इंफोटेनमेंट सिस्टम पर भी ध्यान देना जरूरी
कारों में संगीत, नेविगेशन और फोन कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं देने वाला इंफोटेनमेंट सिस्टम भी साइबर सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यदि इसे वाहन के जरूरी नियंत्रण सिस्टम से सुरक्षित तरीके से अलग नहीं रखा गया, तो कुछ परिस्थितियों में एक सिस्टम की खामी दूसरे सिस्टम तक खतरा पहुंचा सकती है।
वर्ष 2015 में सुरक्षा शोधकर्ताओं ने जीप चेरोकी के इंफोटेनमेंट सिस्टम से जुड़ी कमजोरी का प्रदर्शन किया था। इस घटना ने दिखाया था कि वाहन के डिजिटल फीचर्स की सुरक्षा में कमी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। हालांकि, हर सॉफ्टवेयर खामी का मतलब यह नहीं है कि किसी कार पर सफल हमला हुआ है।
कार मालिक अपनी सुरक्षा कैसे बढ़ाएं?
विशेषज्ञों की सलाह है कि वाहन मालिक कार के सॉफ्टवेयर अपडेट को नजरअंदाज न करें और मोबाइल ऐप तथा ऑनलाइन अकाउंट के लिए मजबूत, अलग पासवर्ड रखें। ऐप को दी गई लोकेशन और दूसरी अनुमतियों की समीक्षा करना भी उपयोगी है।
कार से जुड़े डिजिटल सहायक या अन्य ऑनलाइन सुविधाओं में निजी जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं, वाहन निर्माताओं को क्लाउड सेवाओं, मोबाइल ऐप और कार के महत्वपूर्ण नियंत्रण सिस्टम के बीच मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए।
कनेक्टेड कारों की बढ़ती लोकप्रियता के साथ साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता भी वाहन सुरक्षा का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं।