राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं होने चाहिए। होसबोले के अनुसार, पड़ोसी देशों के बीच संवाद की गुंजाइश हमेशा बनी रहनी चाहिए।

वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने की वकालत

​एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए, आरएसएस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि दोनों देशों के आम नागरिकों के बीच संपर्क (People-to-People contact) बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत और पाकिस्तान को एक-दूसरे के नागरिकों के लिए वीजा प्रक्रिया को सुगम बनाना चाहिए, ताकि सामाजिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान हो सके।

शांति और संवाद ही एकमात्र रास्ता

​होसबोले ने स्पष्ट किया कि यद्यपि सीमा पर चुनौतियां और सुरक्षा संबंधी चिंताएं गंभीर हैं, लेकिन लंबे समय में समाधान केवल बातचीत के जरिए ही निकल सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि:

  • ​कूटनीतिक रास्तों को हमेशा सक्रिय रखा जाना चाहिए।
  • ​दोनों देशों के बीच मानवीय आधार पर रिश्तों को देखा जाना चाहिए।
  • ​युद्ध या तनाव किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
  • संवाद का समर्थन: आरएसएस नेता ने कहा कि पड़ोसी से बात करना बंद करना समाधान नहीं है।
  • वीजा पर सुझाव: दोनों देशों के नागरिकों के लिए यात्रा नियमों में ढील देने की बात कही।
  • शांति की अपील: तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक रास्तों को मजबूत करने पर जोर।
  • संघ का रुख: संघ के इस बयान को बदलते वैश्विक परिदृश्य में काफी अहम माना जा रहा है।

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