पाकिस्तान में आतंकवाद को लेकर आंतरिक कलह चरम पर पहुँच गई है। एक ओर, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ देश में हो रहे हमलों के लिए भारत और अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने अपनी ही सरकार पर “मनगढ़ंत आतंकवाद” फैलाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।

भारत-अफ़ग़ानिस्तान पर रक्षा मंत्री का आरोप

एक टीवी कार्यक्रम में, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारतीय सेना प्रमुख के हालिया बयान पर चिंता व्यक्त की और कहा कि भारत फिर से पाकिस्तान पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसा हमला कर सकता है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान भारतीय सेना प्रमुख के बयान से इनकार नहीं कर सकता। भारत सीमा पार हमला कर सकता है।” उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान पर अपना गुस्सा ज़ाहिर करते हुए कहा, “काबुल आतंकवादियों का अड्डा बन गया है” और आरोप लगाया कि अफ़ग़ानिस्तान से घुसपैठ में भारत की भी भूमिका है।

मुख्यमंत्री का अपनी ही सरकार पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

ख्वाजा आसिफ के बयानों के विपरीत, ख़ैबर पख़्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफ़रीदी ने पाकिस्तानी सरकार और सेना के लिए मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लामाबाद (केंद्र सरकार) अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए ख़ैबर पख़्तूनख्वा प्रांत में शांति नहीं चाहता और “नकली” आतंकवादी हमलों को बढ़ावा देता है।

रिपोर्ट के अनुसार, अफरीदी ने कहा, “71 सालों तक पाकिस्तान पर राज करने वाली मानसिकता ने साबित कर दिया है कि यह आतंकवाद पूरी तरह से मनगढ़ंत है। वे अपने हितों के लिए शांति का दुरुपयोग कर रहे हैं।” उन्होंने पाकिस्तानी सेना द्वारा पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (पीटीएम) के सदस्यों के अपहरण की निंदा की और इसे अफगानिस्तान के साथ शांति वार्ता को विफल करने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास बताया। उन्होंने स्पष्ट किया, “जैसे मेरे नेता इमरान खान आपके (सरकार) सामने कभी नहीं झुके, मैं भी नहीं झुकूँगा। जो भी हमारी शांति भंग करता है, वह हमारा साझा दुश्मन है।”

भारतीय सेना प्रमुख का बयान डरावना

बता दें कि भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को कहा था, “‘ऑपरेशन सिंदूर’ तो बस एक ट्रेलर था… अगर पाकिस्तान हमें मौका देता है, तो भारत उसे सबक सिखाएगा कि एक जिम्मेदार राष्ट्र को अपने पड़ोसियों के साथ कैसे पेश आना चाहिए।” इस बयान के बाद से पाकिस्तानी सरकार में हड़कंप मच गया है।

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