कंडोम सुरक्षित यौन संबंधों के लिए सबसे ज़रूरी साधन माना जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हर कंडोम की एक एक्सपायरी डेट होती है। अगर इसे ध्यान में नहीं रखा जाए तो इसके इस्तेमाल से सुरक्षा कम हो सकती है।

क्यों होती है एक्सपायरी डेट?

  • कंडोम लेटेक्स या पॉलीयूरेथेन जैसे पदार्थों से बने होते हैं।
  • समय के साथ ये पदार्थ कमजोर पड़ जाते हैं और फटने या रिसाव का खतरा बढ़ जाता है।
  • आमतौर पर निर्माण तिथि से 3 से 5 साल तक कंडोम सुरक्षित रहते हैं।

एक्सपायरी कंडोम इस्तेमाल करने के खतरे

  • गर्भनिरोधक क्षमता घट जाती है।
  • यौन संचारित रोगों (STDs) से बचाव नहीं हो पाता।
  • फटने या लीक होने की संभावना बढ़ जाती है।

कैसे करें सुरक्षित इस्तेमाल

  • हमेशा पैकेट पर लिखी एक्सपायरी डेट चेक करें।
  • कंडोम को ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
  • धूप, नमी या अत्यधिक गर्मी से बचाएं।
  • अगर पैकेट फटा हुआ या चिपचिपा लगे तो उसे इस्तेमाल न करें।

विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि एक्सपायरी डेट पार कर चुके कंडोम का इस्तेमाल कभी नहीं करना चाहिए। अगर गलती से ऐसा हो जाए तो तुरंत नया कंडोम इस्तेमाल करें।


निष्कर्ष
कंडोम सुरक्षित यौन जीवन का अहम हिस्सा है, लेकिन इसकी एक्सपायरी डेट को नज़रअंदाज़ करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। सही जानकारी और सावधानी से ही यह पूरी तरह कारगर साबित होता है।

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