दिल्ली में प्रदूषण का संकट एक बार फिर चरम पर है। शनिवार, 22 नवंबर 2025 को राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से ऊपर दर्ज किया गया। अनंद विहार (422), बवाना (419), रोहिणी (414), अशोक विहार (403), जहांगीरपुरी (417), विवेक विहार (423) और नेहरू नगर (402) जैसे इलाकों में हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँच गई।

धुंध और धुंधलके में घिरी राजधानी
सुबह से ही दिल्ली के आसमान पर धुंध की मोटी परत छाई रही। सूरज की किरणें मुश्किल से ही ज़मीन तक पहुँच पाईं। लोगों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

सरकार और प्रशासन की सख्ती
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए स्कूलों और कॉलेजों में आउटडोर गतिविधियों व खेल प्रतियोगिताओं पर रोक लगा दी है। आयोग (CAQM) की सलाह के बाद नवंबर और दिसंबर में होने वाले सभी खेल आयोजनों को स्थगित करने का आदेश दिया गया।

NCR भी प्रभावित
दिल्ली से सटे इलाकों में भी हालात खराब रहे। नोएडा सेक्टर 125 में AQI 434 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

विशेषज्ञों की चेतावनी
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ता प्रदूषण न केवल फेफड़ों और हृदय के लिए खतरनाक है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर और भी गंभीर हो सकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें और ज़रूरी न हो तो बाहर की गतिविधियों से बचें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *