उज्जैन — विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शनिवार, 3 जनवरी 2026 की सुबह भव्य भस्म आरती का आयोजन श्रद्धा और विधि-विधान के साथ किया गया। तड़के सुबह मंदिर के पट खुलते ही बाबा महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।

विधिवत पूजा और दिव्य श्रृंगार
भस्म आरती से पहले भगवान महाकाल का पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद भांग, चंदन और भस्म से विशेष पूजन किया गया। बाबा महाकाल को रजत चंद्र मुकुट, रुद्राक्ष माला, चांदी की मुण्डमाला और पुष्प-बिल्व पत्रों से आकर्षक रूप से सजाया गया।

गर्भगृह में जैसे ही भस्म आरती शुरू हुई, पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयकारों से गूंज उठा।

श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
पौष माह की पूर्णिमा के अवसर पर हुई इस भस्म आरती में देश-प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मान्यता है कि इस दिन महाकाल के दर्शन करने से जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा दर्शन और सुरक्षा की विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। ठंड के बावजूद भक्तों का उत्साह और आस्था देखने लायक रही।
महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती भगवान शिव की अद्वितीय परंपरा का प्रतीक मानी जाती है, जिसमें शामिल होना श्रद्धालुओं के लिए सौभाग्य की बात मानी जाती है।

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